साहिबगंज डीसी के अचानक तबादला पर उठ रहे सवाल

DC Sahibganj Rajeev Ranjan
फाइल फोटो
  • लगभग चार माह पूर्व संभाला था कार्यभार, चौक चौराहे पर बना है चर्चा का विषय
  • कोई मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मंच पर राजमहल के भाजपा विधायक को हटाकर खुद बैठने पर कर रहा चर्चा
  • कहीं दो दिन पूर्व बरहेट में आयोजित जनचौपाल में प्रधानमंत्री आवास को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा फटकार लगाई जाने की हो रही चर्चा।
  • तो कहीं आवास पर उनकी पत्नी का ईलाज करने पहुंची महिला चिकित्सक भारती पुष्पम के साथ अभद्र व्यवहार भी है चर्चा का विषय।

संवाददाता/साहिबगंज:  साहिबगंज में  लगभग चार माह पूर्व उपायुक्त का कार्यभार संभालने वाले राजीव रंजन का सोमवार को तबादला कर दिया गया। राज्य मुख्यालय से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है। इसको लेकर चौक चौराहों पर चर्चा का बाजार गरम है। कोई डेढ माह पू्र्व राजमहल से भाजपा विधायक अनंत ओझा को जनचौपाल कार्यक्रम में झारखंड के सीएम रघुवर दास के बगल में बैठे विधायक को हटाकर खुद बैठने पर कर चर्चा रहा है। कहीं प्रधानमंत्री आवास को लेकर दिये टास्क को पूरा नहीं होने पर चर्चा हो रही है तो कहीं सदर अस्पताल में पदस्थापित महिला चिकित्सक को दो दिन पूर्व ग्रामीण इलाके में तबादला कर देने की धमकी देना चर्चा का विषय बना हुआ  है। मामला चाहे जो भी हो उपायुक्त को रांची मुख्यालय में योगदान करने का आदेश निकल गया है।

दरअसल उपायुक्त राजीव रंजन साहिबगंज में कार्यभार सँभालने के बाद कई विवादों में घिरते चले गए। सर्वप्रथम 2 सितम्बर को साहेबगंज जिले के पतना प्रखंड अंतर्गत डाकबंगला मैदान में सूबे के मुख्यमंत्री के जन चौपाल कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के दायीं तरफ बैठने जा रहे राजमहल विधानसभा के भाजपा विधायक अनंत ओझा को भरी सभा में उठकर पीछे जाने का इशारा करते हुए खुद उस स्थान पर बैठ गए। तब उस वक़्त पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं को उपायुक्त द्वारा विधायक के साथ किये गए इस प्रकार का बर्ताव नागवार लगा। लेकिन मुख्यमंत्री के वहां मौजूद रहने के कारण कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करना मुनासिब नहीं समझा। संभव है की मुख्यमंत्री रघुवर दास को भी अपने पार्टी के विधायक के साथ उपायुक्त द्वारा किया गया व्यवहार अच्छा नहीं लगा होगा शायद इसी कारण 19 अक्टूबर को साहेबगंज के बरहेट में हुए जन चौपाल में प्रधानमंत्री आवास योजना की शिकायत मिलते ही मुख्यमंत्री रघुवर दास ने उपायुक्त राजीव रंजन को भरी सभा में फटकार लगाते हुए कहा की “भाषण देना आपका काम नहीं है, भाषण देना हमारा काम है, आपका काम केवल निर्वहन करना है।”

बीते 16 अक्टूबर को भी राजीव रंजन सदर अस्पताल में पदस्थापित महिला चिकित्सक डॉ भारती पुष्पम के साथ दुर्व्यवहार को लेकर भी चर्चा में आए। डॉ भारती ने मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव, आईएमए एवं झासा को पत्र लिखते हुए कहा कि 16 अक्टूबर को सिविल सर्जन डॉक्टर डी एन सिंह ने उन्हें राजीव रंजन की पत्नी को देखने को कहा था। जब वे उपायुक्त आवास पहुंची तो सुरक्षा गार्ड ने उन्हें काफी देर तक अंदर जाने नहीं दिया। काफी देर बाद उन्हें अंदर बुलाया गया, जब वो अंदर पहुंची तो पाया कि उपायुक्त की पत्नी वहां नहीं थी, और उपायुक्त रंजन हुए विलंब को लेकर महिला चिकित्सक पर भड़क उठे। अपने लिखे पत्र में महिला चिकित्सक ने उपायुक्त राजीव रंजन पर पिटवाने और तबादला किए जाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया। इसी बीच उनका तबादला पतना स्वास्थ्य केंद्र में कर दिया गया।

गौरतलब है कि राजीव रंजन का विवादों से पुराना नाता रहा है। समाज कल्याण निदेशक के पद पर कार्यरत रहते हुए भी राजीव रंजन विवादों से घिरे रहे।