झारखंड की निर्भया को मिला न्याय, दोषी को हुई फांसी

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  • 15 दिसंबर 2016 की रात बूटी बस्ती में दोषी राहुल राज ने बीटेक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसे जिंदा जला दिया था
  • पुलिस और सीआईडी जांच में हत्याकांड का खुलासा न होने के बाद 28 मार्च 2018 को सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी
  • 22 जून 2019 को दोषी राहुल राज को रांची की सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया था, आरोपी इससे पहले लखनऊ की जेल में बंद था

रांची/संवाददाता: सदर थाना क्षेत्र स्थित बूटी बस्ती में बीटेक छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट ने राहुल राज को फांसी की सजा सुनायी है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने सजा सुनाया है। इससे पूर्व सीबीआई ने आरोपी राहुल को सीबीआई कोर्ट में पेश किया था। जिसके बाद सुनवाई पूरी होने पर दोषी करार दिया गया था। इस मामले में आरोपित राहुल राज श्रीवास्तव उर्फ आर्यन के खिलाफ सीबीआइ कोर्ट ने 30 अक्टूबर 2019 को आरोप तय किया था।

सीबीआइ ने 19 सितंबर को चार्जशीट दाखिल की। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद दस दिनों की रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ भी की थी। जांच अधिकारी ने 19 सितंबर को चार्जशीट दाखिल की थी। सीबीआइ 23 वर्षीय आरोपी को लखनऊ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर 22 जून को रांची लेकर पहुंची थी। इसके बाद उसे बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया था। बता दें कि 15 दिसंबर 2016 की देर रात बीटेक की छात्रा के साथ दुष्कर्म और जलाकर मारने की घटना को अंजाम दिया गया था। 16 दिसंबर 2016 को मामला प्रकाश में आया था।

 

हत्या के बाद घटनास्थल पर गया था आरोपित

आरोपित राहुल के दोस्त अक्षय कुमार ने गवाही में बताया कि घटना के कुछ घंटों बाद उसे लेकर राहुल मौके पर पहुंचा था। उस समय युवती के घर के बाहर भीड़ लगी हुई थी। घटना की शाम में राहुल पटना चला गया था। वहां से फोन कर पुलिसिया कार्रवाई की जानकारी लेता था। अक्षय ने बताया कि घटना के कुछ दिन पहले आरोपित राहुल बिहार के नालंदा से रांची आया था। रांची आने पर उसने उसे एक किराये का रूम दिलाने कहा। रूम नहीं मिलने पर मोहल्ले के ही एक मंदिर के पीछे वाले कमरे में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था करा दी। मंदिर में रहने के दौरान मोहल्ले के बच्चों से लड़की के बारे में पूछता था।