नहीं खुला धान क्रय केन्द्र, किसान परेशान

04_11_2019-04lak014-c-3_19726356_232851
फाइल फोटो

गिरिडीह/संवाददाता: सरिया प्रखंड क्षेत्र में धान की खरीदारी अभी तक शुरू नहीं हुई है और ना ही धान क्रय केंद्र खुला है। अब तक लैम्पस द्वारा धान नहीं लेने के कारण किसान बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम में धान बेचने को विवश हैं। सरकारी स्तर पर अभी तक धान क्रय केंद्र न खोले जाने का लाभ बिचौलिए व व्यवसायी उठा रहे हैं। यही कारण है कि किसान मजबरी में इनके हाथों अपने धान को 1200 से 1300 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच रहे हैं। जबकि  सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1950 रुपये प्रति क्विटल निर्धारित किया है। लेकिन पूरे दिसंबर माह बीत जाने के बाद भी धान क्रय केंद्र न खुलने से निराश किसान अपने धान को बिचौलियों के माध्यम से बेचने को विवश हो रहे हैं। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि हमेशा राजनीति के केंद्र में रहने वाले किसानों की सुध लेने वाला आज कोई नजर नहीं आ रहा है। सभी राजनीतिक दल अपने को किसानों के हितैषी बताते हुए किसानों के लिए बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। प्रधानमंत्री ने किसानों की आय को दोगुना करने की घोषणा कर रखी है। बावजूद इसके किसान हैं तो परेशान है का श्लोगन आज एकदम सही साबित हो रहा है। समुचित सिंचाई के अभाव में प्रखंड के किसान धान की फसल पर ही आश्रित रहते हैं।

अन्य कोई फसल उस पैमाने पर नहीं लगाई जाती है, जितनी की धान की फसल। लेकिन, जब फसल को बेचने का समय आता है तो किसान हमेशा अपने को ठगा महसूस करते हैं। विगत कई वर्षों से लैम्पस के माध्यम से सरकार किसानों का धान खरीदती रही है। लेकिन किसानों को उनके धान की कीमत समय पर नहीं मिलने से वे परेशान होते रहे हैं। देर से ही सही लेकिन किसानों को धान की सही कीमत तो मिल जाती थी लेकिन इस वर्ष यह व्यवस्था भी ठप पड़ी है। चुनाव में मुख्य मुद्दा बनने वाले किसान लगता है कि इस बार चुनाव का ही दंश झेल रहे हैं। कुछ किसानों का मानना है कि चुनाव आचार संहिता के कारण ही धान क्रय केंद्र नहीं खोला जा चुका।

धान क्रय केंद्र न खुलने से किसानों को खासा नुकसान हो रहा है। छोटे किसान अपनी फसल को ज्यादा दिन तक रोक कर नहीं रख सकते हैं, क्योंकि वे धान बेचकर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। इस बाबत प्रखंड कृषि सहकारिता पदाधिकारी संगीता कुमारी ने बतायी कि सरिया में धान क्रय केन्द्र खोलने का प्रस्ताव जिला को भेजा जा चुका है ,पर विधानसभा चुनाव और आचार संहिता लागू होने के कारण अबतक नहीं खुल पाया ,लेकिन अब चुनाव समाप्त हो चुका है ,शीघ्र ही धान क्रय केन्द्र खोले जाने की संभावना है।  इस बार क्रय केंद्र खुलने पर धान का समर्थन मूल्य 1950  रुपये प्रति क्विंटल घोषित होगा। ऐसे में जो किसान पहले ही अपना धान औने पौने दाम पर बेच चुके हैं उन्हें भारी नुकसान होगा।

 

नव निर्वाचित विधायक ने किया धान क्रय केंद्र खोलने की माँग

नव निर्वाचित विधायक विनोद कुमार सिंह ने इस संबंध में कहा कि किसानों का शोषण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जिला आपूर्ति पदाधिकारी से बात कर शीघ्र ही तीनों प्रखंड सरिया,बगोदर व बिरनी में कम से कम दो – दो धान क्रय केन्द्र खुलवाया जायेगा।