हर्षोल्लास के साथ मनाया गया क्रिसमस का त्योहार

IMG-20191225-WA0057

  • क्रिसमस हमें प्रेम का संदेश देता है: बिशप आनंद जोजो

 

फलक शमीम (विशेष संवाददाता)

हजारीबाग/संवाददाता: क्रिसमस ईसाईयों के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसमें ईसाई धर्मावलंबी ईसा मसीह का जन्म उत्सव बड़े ही उल्लास और आनंद के साथ मनाते हैं। ईसाई धर्म के लोगों का विश्वास है कि ईशा ही मानव प्रेम हेतु जन्म लिए और उस प्रेम को सारे मानवजाति को प्रदान किया। उसी प्रेम, आनंद और शक्ति को एक दूसरे को देते हुए केक काटते हैं। यह त्योहार चरणी जहां यीशु ने जन्म लिया उसे सजाने से प्रारंभ होता है, जो एक गोशाले का प्रतीक है। इसी को लेकर महा गिरजाघर हजारीबाग बीती देर रात से चरणी की आशीष के साथ प्रारंभ हुआ यह त्योहार जिसकी आशीष ईसाई धर्म अध्यक्ष आनंद जोजो के द्वारा किया गया। उन्होंने मिस्सा अनुष्ठान कर सभी के लिए प्रार्थनाएं की और यीशु के शुभ संदेश प्रेम, आनंद, शांति की कामना कर शुभकामनाएं दी।

उन्होंने इस मौके पर कहा कि आज का माहौल अराजकता, अन्याय और असहिष्णुता का बन चुका है इसलिए जरूरत है कि हम भाईचारा को अपनाएं और एक दूसरे को सहन करें। एकता के सूत्र में बंधे रहे। प्रेम ही सर्वोपरि है क्योंकि ईश्वर प्रेम है। प्रेम के अभाव में ही हम एक दूसरे से घृणा करते हैं। इसे हमें दूर करना है। यह क्रिसमस हमें प्रेम का संदेश देता है । बिशप आनंद जोजो ने क्रिसमस के संदेश के बारे में बताया कि ईश्वर का इकलौता पुत्र ईसा मसीह बालक के रूप में जोसेफ और मरियम के परिवार में जन्म लिया । उनकी मूल शिक्षा थी प्रेम, दया, क्षमा, सेवा, सहायता एवं शांति। इस मौके पर बिशप आनंद जोजो ने हजारीबाग निवासियों को ईसा मसीह का प्यार एवं आशीर्वाद पूरे झारखंड वासियों को क्रिसमस पर्व एवं नया साल की मुबारकबाद दी।

सुबह मिस्सा का अनुष्ठान फादर दया किशोर तिर्की ने किया, जिसमें हजारों की संख्या में ईसाई धर्मावलंबी ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त कर अपने घर खुशी-खुशी लौट गए। सभी नगरवासी मोमबत्ती जलाकर ईश्वर की आशीष भी प्राप्त किए।