सावन माह के बाद दोबारा नहीं जली हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइट

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  • ट्रॉफिक सिंग्नल ट्रायल के बाद बनी शोभा की वस्तु

हंसडीहा/संवाददाता: दुमका-भागलपुर नेशनल हाईवे पर हंसडीहा महारो के बीच रोशनी के लिए लगी स्ट्रीट लाइट निर्माण पूरा होने के बाद श्रावणी मेले को देखते हुये पुरे सावन माह तक जली उसके बाद कभी नही जली। इस वजह से शाम होते ही हाईवे पर जगह-जगह पर अंधेरा पसर जाता है। इससे वाहन चालकों के साथ साथ स्थानीय लोगों व राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि हाइवे निर्माण के बाद नेशनल हाईवे हंसडीहा से महारो तक हरेक मुख्य पॉइंट पर हाइवे के दोनों और स्ट्रीट लाइट लगाया गया हैं, जो निर्माण के बाद सिर्फ श्रावणी मेले को महत्व देते हुए सावन माह मेँ ही जली। उसके बाद फिर कभी नहीं जली। इस हाइवे पर सैकड़ो से अधिक स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं परन्तु ये भी प्रशासनिक उदासीनता की बलि चढ़ते हुए नजर आ रही है। इस वजह से शाम होते ही मार्ग पर अंधेरा पसर जाता है। रात के समय अंधेरा होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। साथ ही हादसे का डर बना रहता है। ईधर हंसडीहा में लगाये गये ट्रॉफिक सिंग्नल भी शोभा की वस्तु बन कर रह गयी है। ट्रायल के बाद अभी तक बंद पड़ी ट्रॉफिक सिंग्नल भी काम नही कर रही है।