लॉकडाउन में श्री गोपाल गौशाला में दयनीय हो रही गायों की हालत

लॉकडाउन में श्री गोपाल गौशाला में दयनीय हो रही गायों की हालत

  • परमिट होने के बावजूद बंगाल पुलिस चारा वाहन को रोक रही
  • अगर प्रशासन मदद नही करती है तो गायों को बचाने में हो सकती है मुश्किल: गौशाला प्रबंधन
  • फंड में आई गिरावट, दूकानदार नहीं दे रहा पशु चारा

पाकुड़/संवाददाता: देश में कोरोना वाइरस का कहर जहां आम इंसानी जिंदगी पर प्रभावी है, वहीं अब गौशाला में सैकड़ों गायों के समक्ष पशु चारा पर भी आफत आ गई है। शहर के गुरुद्वारा रोड स्थित श्री गोपाल गौशाला में स्थिति भयावह होता दिख रहा है। गायों को बचाने के लिए गौशाला प्रबंधन के समक्ष अब एक मात्र सहारा जिला प्रशासन दिख रहा है। गौशाला प्रबन्धक बद्री प्रसाद भगत, सह सचिव अनिल टेबड़ीवाल, शिव कुमार अग्रवाल के माने तो जिला परिवहन कार्यालय से एक वाहन पश्चिम बंगाल के वीरभूम से पशु चारा लाने के लिए परमिट कराया गया था। लेकिन बंगाल के बॉर्डर पर पुलिस द्वारा वाहन नहीं आने दिया जा रहा है। काफी मुश्किल से कमिटी के सदस्यों द्वारा पुआल से लदा एक वाहन विनती कर लाया गया है।

गौशाला प्रबन्धन ने बताया लॉकडाउन के कारण फंड में भी गिरावट आ गई है, दान भी नहीं मिल रहा हैं। ऐसे में गौशाला में तीन सौ से अधिक गायों के पशु चारे नही मिलने के कारण स्थिति काफी दयनीय हो रही है। दो मजदूर प्रतिदिन काम कर रहा हैं। जिन्हें प्रतिदिन छह सौ रुपया देना पड़ रहा है।इसके अलावे उपायुक्त के निर्देश पर अगस्त 2019 में 34 बैल गौशाला को जिम्मे दिया गया है।अबतक एक रुपये भी सहयोग जिला प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। ऐसे में गौशाला के गायों को बचाना अब मुश्किल हो रहा है। अब तक कई गाय मर चुकी है। गौशाला प्रबन्धन ने जिला प्रशासन और शहर के दानवीरों से अपील करते हुए कहते हैं, गायों की सेवा करो और बचाओ जान। कान्हा आगे आएंगे, सुख की छतरी तान।

दुकानदार नही दे रहा हरा चारा व भूसा:

गौशाला प्रबंधन ने बताया कि लॉक डाउन के बाद दान में आई गिरावट के बाद अब दुकानदारों ने भी हाथ खड़ा कर दिया है। पूर्व में उधार पर भी चारा मिल जाया करता था, लेकिन अब दुकानदार भी उधार नहीं दे रहा है। ऐसे में अब और विकट स्थिति बन रही है। इधर शहर के समाजसेवियों ने भी गौशाला को मदद करने के लिए जिला प्रशासन से आग्रह करते हुए कहा है कि वीरभूम जिला प्रशासन से संपर्क कर पाकुड़ गौशाला की गाड़ी नहीं रोकने तथा सरकार द्वारा गौशाला के लिए जो भी फंड है, उन्हें अविलंब उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा 34 बैल जिला प्रशासन ने जो गौशाला को उपलब्ध कराया है, उनके चारे का बकाया राशि भी उपलब्ध कराने की मांग की है।