और कुछ नहीं तो भोजन समय पर दिला दीजिये साहब

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  • व्यवस्था ठीक नहीं रहने पर प्रवासी मजदूरों में दिखी नाराजगी
  • सरैयाहाट के धनवै क्वारंटाइन सेंटर का मामला

प्रवीण कुमार । हंसडीहा: वैश्विक महामारी कोरोना में महानगरों से वापस लौटने वाले प्रवासी मजदूरों के मदद के लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। लेकिन दूसरी तरफ क्वारंटाइन में रह रहे प्रवासी मजदूर से लगातार शिकायत मिल रही कि यहां हमलोगों को समय से खाना नही दिया जा रहा है। सरकार से मिलने वाली कोई सुविधा नहीं मिलने से नाराज सरैयाहाट प्रखंड के धनवै पंचायत के महेशजोरा सामुदायिक भवन में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों ने मंगलवार को सुबह 11 बजे तक खाने में कुछ नहीं देने की शिकायत की।

मजदूरों ने कहा सोमवार को जांच के बाद प्रशासन ने यहां लाकर रखने के साथ शाम को नाश्ता और रात में खिचड़ी दिया लेकिन मंगलवार सुबह नाश्ते का कोई इंतजाम नहीं था। पंचायत की मुखिया द्वारा चावल, दाल, सब्जी और गैस चूल्हा व बर्तन लाकर रख दिया और चली गई। अब भूख के कारण हमलोग खुद खाना बनाने की तैयारी कर रहे हैं। मुंबई से लौटे इन मजदूरों का कहना है कि एक ही कमरे में करीब बीस लोगों  को रखा गया है जिनमें तीन महिला भी है।

मंगलवार को मजदूर उस वक़्त नाराज हो गए जब इनलोगों के स्वास्थ्य जांच के लिए सेंटर पहुंची एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता ने इन्हें बुखार और दर्द का दवा देना चाहा। मजदूरों ने कहा दवा से पहले भोजन जरूरी है। क्वारंटाइन सेंटर में एक भी कर्मी मौजूद नहीं था जो मजदूरों पर ध्यान रख सके। बावजूद इसके जो सिस्टम है। उसे सही ढंग से चलाने का प्रयास भी नही किया जा रहा था। इसके बावजूद इन प्रवासी मजदूरों ने अभी तक धैर्य बनाए रखा है। क्वारंटाइन सेंटर के बगल के गांवों के रहने वाले इन प्रवासी मजदूरों के परिजन घरों से खाना पहुंचा रहे हैं।