मंत्री, विधायक प्रतिनिधि एवं बरहरवा के प्रतिष्ठित लोगों को बदनाम करने की सुनियोजित तरीके से की गई साजिश: राजकमल भगत

प्रेमचंद कुमार । बरहरवा: बीते 22 जून को नगर पंचायत कार्यालय में सैराती डाक बंदोबस्ती को लेकर उत्पन्न हुए विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले को लेकर बरहरवा नगर वासियों ने मिलकर हाटपाड़ा बड़ी दुर्गा मंदिर के प्रांगण में नगर पंचायत उपाध्यक्ष लोकेश कुशवाहा की अध्यक्षता में एक बैठक किया। जिसमें मंत्री और विधायक प्रतिनिधि के पक्ष में नारेबाजी की गई एवं ठेकेदार शंभू नंदन भगत का जमकर विरोध किया गया।

वहीं बरहरवा नगर वासियों की ओर से बात रख रहे नगर पंचायत उपाध्यक्ष लोकेश कुशवाहा, समाजसेवी राजकमल भगत एवं विनय भगत ने कहा कि बरहरवा नगर पंचायत टोल टैक्स का टेंडर स्थानीय लोगों को मिले इसको लेकर हम सभी हमारे स्थानीय विधायक सह मंत्री आलमगीर आलम के आवास जाकर उनसे आग्रह किया था कि इस बार का टेंडर हम नगर वासियों को मिले ताकि सुख और दुख में यहां की जनता की बात को वह सुने। साथ ही स्थानीय जनता ने कहा कि दो साल के दरमियान में जो भी बाहरी लोगों को बरहरवा नगर पंचायत के काम का टेंडर मिला है उसने सिर्फ बरहरवा की जनता को छला और ठगा है। कहीं भी नगर पंचायत क्षेत्र में विकास का काम नजर नहीं आ रहा है। वहीं जनता की हितों को ध्यान में रखते हुए विधायक सह मंत्री ने ठेकेदार को फोन कर उनसे आग्रह किया गया था कि स्थानीय लोगों को इस बार मौका दें। आपका काम तो बहुत जगह चल रहा है।

वहीं विधायक प्रतिनिधि एवं राज्य के मुख्यमंत्री प्रतिनिधि होने के कारण पंकज मिश्रा ने भी सरकार के स्थानीय नीति को हवाला देते हुए उनसे अनुरोध किया गया था कि हमारी सरकार ने स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जो चुनाव में वादा किया था उसके तहत इस बार का टोल टेंडर आप छोड़ दें। लेकिन ठेकेदार शंभू नंदन द्वारा उल्टे मंत्री और विधायक प्रतिनिधि को अपशब्द और उग्र आवाज़ में बात किया गया। आगे उन्होंने कहा कि शंभू नंदन द्वारा साजिश के तहत कॉल रिकॉर्ड कर मंत्री, विधायक प्रतिनिधि एवं बरहरवा के प्रतिष्ठित लोगों को बदनाम करने का एक सुनियोजित चाल चलकर मामले को राजनीतिक रुप दिया जा रहा है। इस तरह की कृत्य जो शंभू नंदन के द्वारा किया गया, बरहरवा की जनता उनकी घोर निंदा करती है और प्रशासन से उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करती है।

नगर उपाध्यक्ष ने क्या कहा?
नगर वासियों की तरफ से नगर उपाध्यक्ष लोकेश कुशवाहा ने कहा कि जो घटना हुई है उससे साफ पता चल रहा है कि यहां के स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों को बदनाम करने की साजिश है। जितने भी लोगों पर एफआईआर हुई है सभी शिक्षित हैं एवं सभी का पृष्ठभूमि साफ है। सभी लोगों को बरहरवा सहित जिले के लोग जान रहे हैं की उनकी छवि कैसी है? जबकि शंभू नंदन भगत का अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उनका पाकुड़ सहित साहिबगंज में शराब का ठेका चल रहा है। बरहरवा में इसके पूर्व ई टेंडर लिए हुए थे वह हमेशा मनमाने ढंग से वाहनों से अवैध वसूली करते थे और जितने भी कर्मचारी उनके यहां काम करते थे उनको मानदेय तक नहीं दिए। उनका छवि दबंग किस्म का है।

समाज सेवी राजकमल भगत ने क्या कहा?
वहीं समाजसेवी राजकमल भगत ने कहा कि प्रतिष्ठित और बदमाश प्रवृत्ति के लोगों की पहचान उनकी बोली से ही की जा सकती है। वायरल ऑडियो में साफ सुना जा सकता है कि ठेकेदार शंभू भगत मंत्री और विधायक  प्रतिनिधि को ऊंचे आवाज और गलत लफ्ज़ का इस्तेमाल कर बात कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वायरल ऑडियो के माध्यम से सुना जा सकता है कि शंभू नंदन भगत साफ कह रहे हैं  कि राजमहल एसडीओ साहब बुलाकर राजमहल का टेंडर उन्हें जबरदस्ती देना चाह रहे है। तो क्या बरहरवा में भी उन्हें उसी तरह बुला कर यहाँ का टेंडर दिया जा रहा है? जबकि हमारे यहाँ के लोग, युवा साथी जो ग्रेजुएट है, पीजी, डिप्लोमा व अन्य कोर्स करके बैठा हुआ है, जो कि अपने स्तर से बरहरवा के काम को लेना चाह रहे है और बोल रहे है कि हम लोग को मौका दीजिए। हम लोग ईमानदारी और निष्पक्षता से काम करेंगे लेकिन उनको काम नहीं दिया जा रहा है। तो इससे क्या समझे बरहरवा वासी?

स्थानीय जनता विनय भगत ने क्या कहा?
स्थानीय जनता विनय भगत ने सर्व प्रथम बरहरवा वासियों की तरफ से बात रखते हुए प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि जो भी काम बरहरवा में आता है उसका टेंडर बाहर के लोगों को क्यों मिल जाता है? स्कूल बनाना हो, हॉस्पिटल बनाना हो या रोड बनाना हो सभी काम का टेंडर रांची, धनबाद,पाकुड़ के लोगों को मिल जाता है।

बरहरवा नगर वासियों ने सवाल भी खड़ा किया है कि आखिर बात क्या है कि हर टेंडर  बड़े-बड़े माफिया और करोड़पति को ही मिल जाता है? आम जनता और स्थानीय लोग टेंडर और काम मांगने पर भी क्यों नहीं मिलता है? मौके पर अमित कुमार गुप्ता, अभिजीत चौधरी, सपन भगत, चंदन मिश्रा, मोनू भगत, राजेश भगत, हामिद अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।