कोयला व लकड़ी तस्करों के लिए सेफ जोन बना महेशपुर

सुशील कुमार । महेशपुर: महेशपुर में थाना क्षेत्र के विभिन्न खुफिया रास्तों से लकड़ी व कोयला का अवैध ढुलाई तस्करों द्वारा दस्तूर जारी है। महेशपुर में लकड़ी व कोयला तस्करों के लिए फिलहाल सेफ जोन बना हुआ है। कोयला तस्कर रात के अंधेरे में पड़ोसी प्रखंड अमलापाड़ा जाकर आसपास के चोरी किए हुए कोयले को बाइक में भरकर महेशपुर के रास्ते पश्चिम बंगाल ले जाते हैं। कोयला तस्कर महेशपुर थाना क्षेत्र को फिलहाल सेफ जोन मानते हैं, शयद यही कारन है कि इन थाना क्षेत्रों में कोयला तस्करों का जमावड़ा लगा रहता है।

सूत्रों की माने तो लकड़ी एवं कोयला तस्करी के लिए महेशपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शहरग्राम पीर पहाड़ पश्चिम बंगाल रोड, अमडापाड़ा डूमरघाटी देवीनगर रोड, हाथीमारा कनकपुर पश्चिम बंगाल रोड, महूबोना राजग्राम रोड जैसे कई खुफिया रास्ते हैं जिससे कोयला तस्कर बाइक एवं भुटभुटिया वाहन समेत अन्य वाहनों में चोरी का कोयला भर-भर कर बंगाल सप्लाई करते हैं। जिससे पुलिसिया कार्रवाई पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। रविवार को कोयला तस्करों को बलियाडांगा रोलाग्राम बरियारी के रास्ते बाइक द्वारा कोयला लेकर जाते हुए देखा गया। बाइक चालक कोयला लाद कर बेखौफ होकर दिनदहाड़े जाते हुए देखे गए। वही लकड़ी तस्कर भी इन्ही खुफिया रास्तों से लकड़ी की तस्करी करते हैं। लकड़ी तस्कर महेशपुर अंचल अंतर्गत देवपुर, बलिया ढंगाल, बेटा टोला, मानिकपुर, रुद्रपुर खगड़ा, शिरीष तला समेत कई क्षेत्रों से हरे भरे पेड़ को काटकर पश्चिम बंगाल मार्ग से लकड़ी की तस्करी करते हैं। ऐसे में एक कहावत सही चरितार्थ होता है कि सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का।