अनाथ व बेसहारा बच्चियों सहित आदिम जनजाति परिवार के बच्चियों को नामांकन में प्राथमिकता

अनाथ व बेसहारा बच्चियोंसहित आदिम जनजाति परिवार के बच्चियों को नामांकन में प्राथमिकता 1

  • कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में चयन
  • ग़रीब आदिम एवं पहाड़िया जनजाति परिवार की बालिकाओं का होगा विद्यालय में चयन

साहिबगंज/संवाददाता: साहिबगंज जिले के सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा छह एवं कक्षा सप्तम से दशम तक रिक्त सीटों पर आवासीय व्यवस्था के तहत नामांकन के लिए प्रखंड चयन समिति से अनुमोदित सूची का जिला चयन समिति द्वारा अनुमोदन के लिए उप विकास पदाधिकारी मनोहर मरांडी की अध्यक्ष्ता में बैठक की गई। बैठक में कस्तूरबा में नामांकन के लिए गठित नामांकन समिति को निर्देश दिया गया कि नामांकन में वैसे छात्राओं को प्राथमिकता दिया जाए जो ड्रॉपआउट हैं। इसके अलावे अनाथ बच्चियों, अथवा मातृ-पितृ विहीन बेसहारा सहित आदिम जनजाति परिवार के बच्चियों को नामांकन में प्राथमिकता दिया जाए। समीक्षोपरांत सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से छीजित, मातृविहीन,पितृविहीन, अनाथ, दिव्यांग नक्सल प्रभावित, बीपीएल, पीटीजी एवं बाल कल्याण समिति द्वारा अनुशंसित छात्राओं का नामांकन का अनुमोदन करने का निर्णय लिया गया।

उप विकास आयुक्त मनोहर मराण्डी ने कस्तूरबा विद्यालय संचालित करने की उद्देश्यों के बारे में बताया, इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदायों और शैक्षिक रूप से पिछड़े गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों से संबंधित लड़कियों को प्राथमिक स्तर पर आवासीय स्कूलों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करना है। इन विद्यालयों में कम से कम 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति व जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्गो की बालिकाओं के लिए आरक्षित होंगी जबकि शेष 25 प्रतिशत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की बालिकाओं के लिए आरक्षित होगी।

उन्होंने सभी वार्डन सह शिक्षिका को निर्देश दिया कि विद्यालय के सभी बच्चियों के साथ परिवार की तरह व्यवहार करें, ताकि बच्चियों को अपने परिवार की कमी महसूस न हों। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी अर्जुन प्रसाद, सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, वार्डन, विधायक प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे।